Home सेहत क्या कोई करोना से संक्रमित होकर ठीक होने का अपना वास्तविक अनुभव...

क्या कोई करोना से संक्रमित होकर ठीक होने का अपना वास्तविक अनुभव साझा कर सकता है ?

मैं 31 अगस्त की दिल्ली से जयपुर के लिए अपनी गाड़ी से निकला था और शाम को 5 बजे मुझे बुखार से पहले की ऐंठन और शरीर टूटने का आभास हो गया था। उस दिन जयपुर में बरसात हुई थी और शायद थकावट को वजह मानते हुए मैंने होटल का रुख किया। होटल पहुंचने तक बुखार नहीं था। होटल जाकर एक घंटा सोने के बाद अब बुखार बाहर आ चुका था। एक पीसीएम की गोली से राहत महसूस हुई पर रात होने तक गले में एक दर्द ने शंका पैसा कर दी। मैंने अगले दिन सुबह का इंतज़ार किया क्योंकि मुझे रात को बुखार ठंड लग कर चढ़ा था।

बहरहाल सुबह के नाश्ते के बाद मैंने पीसीएम दुबारा लेकर बुखार उतारने के इंतजार किया। जैसे ही दोपहर को बुखार उतरा तो मैंने दिल्ली वापिस जाने में अपनी भलाई समझी। तब तक लक्षण corona के लगने लग गए थे घर पहुंच कर अगले दिन नजदीकी अस्पताल में रैपिड टेस्ट करवाया तो परिणाम पॉजिटिव पाया गया।

दवा तो मैंने पहले ही शुरू कर दी थी अपने एक डॉक्टर मित्र जोकि खुद भी पॉजिटिव थे उनकी सलाह लेकर।

चौथे दिन तक मुझे बुखार 99 डिग्री तक या उससे थोड़ा काम ही था पर गले में भयंकर दर्द, जैसे किसी ने गला रेत दिया हो, था। मैंने गरम खौलते पानी का सेवन शुरू कर सिया और साथ में भाप लेनी शुरू करदी थी जिस से काफी राहत मिलती थी। आपकी जानकारी के लिए यह बताना जरूरी है कि जयपुर से घर वापिस आने के बाद ही मैंने खुद को अलग थलग पहले ही कर लिया था जिस से की संक्रमण को फैलने से रोक दिया जाए।

बाद में मैंने coronil जोकि पतंजलि की दावा है उसका सेवन भी आरंभ कर दिया। 9 दिन के बाद मेरा रहा सहा बुखार उतर गया और गले का दर्द भी काफी कम हो चुका था। इस बीच दिन में 4 से 5 बार गरारे करके मै बेहतर महसूस कर रहा था। आज 14 दिन बाद मैं शारीरिक रूप से काफी कमजोर महसूस कर रहा हूं और स्वास्थ्य लाभ की और अग्रसर हूं। मैंने संक्रमण के दौरान ठंडी तासीर वाली खाद्य वस्तुओं जैसे के दही, चावल आदि से परहेज़ किया।

Isolation काल का अच्छे से पालन किया और अपने आसपास स्वच्छता का ध्यान रखा।

संशोधन: अपवोट्स के लिए धन्यवाद! आज करोना से पूर्णतया मुक्ति के बाद मुझे लगा कि आगे का हाल लिख दिया जाए ताकि पाठकों को इसका लाभ भी मिले।

लगभग 20–25 दिनों के एकांत के बाद मुझे आसपास के लोगों और जानने वाले के व्यवहार से बहुत निराशा हुई।
खैर महामारी का यह सबसे दुष्प्रभाव होता है कि स्वीकार्यता के मामले में थोड़ी शंका हो ही जाती है।

बुखार और गले के दर्द के बाद मुझे शारीरिक कमजोरी महसूस हुई और सिर घूमने की शिकायत होती रही। लगभग 5–6 दिन ऐसा ही महसूस होता रहा। खैर प्रोटीन युक्त भोजन और मल्टी विटामिन लेने के बाद धीरे धीरे मै अच्छा अनुभव कर रहा हूं।

मैंने अपने ऑफिस में काम पर लौटने की इच्छा जताई पर मुझे नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के साथ आने को कहा गया।

मैंने अपने परिचित डॉक्टरों से बात की जिन्होंने मुझे टेस्ट ना करवाने को कहा और नई गाइडलाइन के बारे में बताया जिसमें आईसीएमआर द्वारा दुबारा टेस्ट ना करवाने की सलाह दी गई है।

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